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ऑपरेशन सिंदूर: जब रेगिस्तान में भारतीय जांबाज़ों ने पाकिस्तानी ड्रोन्स को खदेड़ा और SP सुधीर चौधरी को मिला सेना प्रमुख का सम्मान
जैसलमेर: राजस्थान के तपते रेगिस्तान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी बहादुरी और चाक-चौबंद सुरक्षा का प्रमाण दिया है। इस बार यह शौर्य देखने को मिला "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान, जिसने दुश्मन की हर चाल को नाकाम कर दिया। इस सफल ऑपरेशन में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 19 मई को जैसलमेर के लौंगेवाला फॉरवर्ड एरिया में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
इस समारोह में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कोणार्क कोर के जवानों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पुलिस अफसरों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन से सम्मानित किया। बीएसएफ के आईजी और जैसलमेर के डीएम प्रताप सिंह भी इस मौके पर मौजूद थे।
इस सम्मान समारोह की सबसे खास बात यह रही कि जनरल द्विवेदी ने पहली बार किसी आईपीएस अधिकारी को आर्मी कमेंडेशन मेडल से नवाजा। यह सम्मान मिला जैसलमेर के एसपी सुधीर चौधरी को। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए महत्वपूर्ण एक्शन को सही तरीके से करने-करवाने में उनके अहम योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित मेडल दिया गया।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर जैसलमेर से लेकर गुजरात के कच्छ तक फैले सीमावर्ती रेगिस्तानी इलाके में इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स और बीएसएफ द्वारा चलाया गया एक संयुक्त अभियान था। इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन की हरकतों को नाकाम करना था। इस ऑपरेशन में निगरानी रखने वाले आधुनिक उपकरणों (सर्विलंस एसेट्स) जैसे ड्रोन और रडार का बखूबी इस्तेमाल किया गया। साथ ही, एयर डिफेंस सिस्टम को भी तेजी से तैनात किया गया ताकि दुश्मन की किसी भी घुसपैठ की कोशिश को समय रहते विफल किया जा सके। सिविल प्रशासन के सहयोग से हथियारों और ऑपरेशनल सपोर्ट की तैनाती ने पूरे इलाके में भारतीय सुरक्षा बलों का दबदबा और सुरक्षा सुनिश्चित की।
पाकिस्तानी ड्रोन्स की घुसपैठ नाकाम
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में ड्रोन्स के जरिए घुसपैठ की कई कोशिशें की गईं। लेकिन भारतीय सेना, वायुसेना और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने इन सभी कोशिशों को पूरी तरह नाकाम कर दिया। सुरक्षा बलों ने या तो इन ड्रोंस को मार गिराया या उन्हें वापस खदेड़ दिया। यह भारतीय सुरक्षा बलों के आपसी तालमेल और मुस्तैदी का नतीजा था।
कौन हैं SP सुधीर चौधरी? एक शानदार करियर की झलक
जैसलमेर के एसपी सुधीर चौधरी, जिन्हें अब आर्मी कमेंडेशन मेडल से सम्मानित किया गया है, 2015 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इससे पहले भी कई बड़े और संवेदनशील मामले संभाले हैं, जिनमें फिल्म अभिनेता सलमान खान से जुड़ा केस, आसाराम केस और उदयपुर का कन्हैया लाल हत्याकांड शामिल है।
राजसमंद में अपनी पोस्टिंग के दौरान, कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपियों को उन्होंने चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया था। इस शानदार काम के लिए उन्हें पुलिस मुख्यालय द्वारा डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया गया था। मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले सुधीर चौधरी ने अपनी ट्रेनिंग के दौरान जोधपुर, चित्तौड़गढ़ और भरतपुर जैसे जिलों में सेवाएं दी हैं। वह राजसमंद, सवाई माधोपुर और एसीबी कोटा में भी रह चुके हैं। जैसलमेर एसपी बनने से पहले, वह जयपुर में एसपी साइबर क्राइम पुलिस हेड क्वार्टर में तैनात थे।
उनकी सफल जांचों में सलमान खान के केस में जान से मारने की धमकी के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का पर्दाफाश करना और आसाराम केस में मेडिकल सर्टिफिकेट में हुए फर्जीवाड़े को सामने लाना शामिल है। अब 19 मई को सीओएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा जैसलमेर में मिले कमेंडेशन मेडल ने उनके रिकॉर्ड में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया है।
सेना प्रमुख ने सराहा जवानों का जोश और समर्पण
सम्मान समारोह के दौरान, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के रेगिस्तान की अत्यंत कठिन परिस्थितियों (गर्मियों में तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है)
में भी तैनात जवानों की हिम्मत, प्रतिबद्धता और समर्पण (डेडिकेशन) की जमकर तारीफ की। उन्होंने दोहराया कि भारतीय सेना देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार है
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भले ही परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों। उन्होंने सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के एकजुट होकर काम करने वाले ऐसे संयुक्त ऑपरेशंस को देश के लिए एक बेहतरीन मिसाल बताया। जनरल द्विवेदी ने विश्वास दिलाया कि सेना और सभी सुरक्षा एजेंसियां भविष्य की हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा में लगे जवानों, अफसरों और उनके परिवारों को सलाम करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और सम्मान सबसे ऊपर है।
ऑपरेशन सिंदूर की यह सफलता भारतीय सुरक्षा बलों के आपसी तालमेल और उच्च स्तरीय तैयारी को दर्शाती है, जिसने रेगिस्तान की दुर्गम परिस्थितियों में भी दुश्मन के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया। एसपी सुधीर चौधरी को मिला सम्मान इस बात का प्रतीक है कि देश की सुरक्षा में हर बल का अपना महत्वपूर्ण योगदान होता है।




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